
काँच की वस्तुओं को टेम्परिंग के दौरान टूटने से कैसे बचाएं?
काँच की वस्तुओं के निर्माण में तापमान को सही रखना बहुत ही महत्वपूर्ण है। यदि आप धीरे-धीरे ही तापमान बढ़ाते हैं, तो समय बर्बाद हो जाता है। लेकिन यदि आप तापमान को बहुत तेजी से बढ़ाते हैं, तो काँच की वस्तुएँ टूट जाती हैं। यह वाकई एक बड़ी समस्या है।
इसीलिए हम “त्वरित टेम्परिंग” प्रक्रिया हेतु शॉर्टवेव आईआर लैंपों का उपयोग करते हैं। ये लैंप हमें आवश्यक नियंत्रण प्रदान करते हैं।
थर्मल शॉक से बचने का तरीका
यहाँ वास्तविक दुश्मन थर्मल शॉक है। इससे बचने हेतु ऐसे ऊर्जा स्रोतों की आवश्यकता है, जो तुरंत ही अपनी ऊर्जा मात्रा को 100% से 20% तक कम कर सकें।
शॉर्टवेव आईआर लैंप ही ऐसे ऊर्जा स्रोत हैं। चूँकि ये लैंप वैक्यूम या हैलोजन गैस में टंगस्टन फिलामेंट का उपयोग करते हैं, इसलिए ये अतिरिक्त ऊष्मा को संग्रहीत नहीं करते। जैसे ही ऊर्जा बंद हो जाती है, ऊष्मा भी बंद हो जाती है।
हम आमतौर पर इन लैंपों को SCR या फास्ट-स्विचिंग थायरिस्टर से जोड़ते हैं। इससे हम ऊर्जा मात्रा को आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं। यदि कोई सेंसर ऐसा तापमान पकड़ लेता है, जिससे काँच टूट सकता है, तो सिस्टम तुरंत ही ऊर्जा मात्रा को कम कर देता है। यह वाकई बहुत ही उपयोगी है।
ऊष्मा से निपटना
औद्योगिक उद्देश्यों हेतु आवश्यक ऊष्मा-घनत्व प्राप्त करने हेतु हम उच्च वाटेज वाले लैंपों का उपयोग करते हैं।
लेकिन समस्या यह है कि ऐसे लैंप बहुत ही गर्म हो जाते हैं। इससे लैंप का हुड भी गर्म हो जाता है। यदि आपके कूलिंग फैन पर्याप्त न हों, तो आपके सॉकेट एवं वायर खराब हो जाएंगे। इसलिए फैनों का उपयोग अवश्य करें।
हम क्वार्ट्ज आवरणों का भी उपयोग करते हैं। इससे विकिरण काँच के अंदर तक पहुँच पाता है, न कि केवल काँच के आसपास की हवा को गर्म करता है। इससे काँच का केंद्र भी सतह के समान ही तापमान रख पाता है, जिससे सब कुछ स्थिर रहता है।
लैंपों को सही जगह पर लगाना
जब आप इन लैंपों को लाइन में लगाते हैं, तो सबसे बड़ी समस्या उनकी सही स्थिति है। यदि लैंप थोड़ा भी तिरछा हो जाए, तो वहाँ गर्म स्थल बन जाते हैं। इससे असमान दबाव पड़ता है, और अंत में काँच की वस्तुएँ टूट जाती हैं। इसलिए कठोर ब्रैकेटों का उपयोग करें, एवं लैंप की सही स्थिति की जाँच अवश्य करें।
यदि लैंप बहुत नजदीक हो, तो काँच की सतह पिघल जाएगी। यदि लैंप बहुत दूर हो, तो शॉर्टवेव विकिरण का लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए सही स्थिति ढूँढकर उसे वहीं ही रखें।